सत्यमेव .....

हास्य व्यंग्य एक्सप्रेस

29 Posts

624 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 799 postid : 557

धन्यवाद जागरण जंक्शन

Posted On: 8 Jan, 2011 में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Ca happy

जागरण जंक्शन टीम और दैनिक जागरण अखबार को नव वर्ष और दशक की हार्दिक शुभकामनाएं । साथ ही जागरण जंक्शन के सभी बुद्धिजीवी ब्लागर्स को भी नव वर्ष और दशक की हार्दिक शुभकामनाएं । राष्ट्र को समर्पित दुनिया के इस सबसे बड़े अखबार ने जे जे की शक्ल में राष्ट्रभक्तों को एक अनोखा मंच दिया है । आने वाले समय में निश्चित ही भारत को महाशक्ति बनाने वाली वैचारिक क्रांति यहां जन्म लेगी । ऐसा मेरा दृढ़ विश्वास है ।
.
कल के जागरण के संपादकीय पृष्ठ पर निगाह गयी तो सबसे ऊपर सर्वश्री ब्रह्मा चेलानी जी थे तो नीचे कोने में, जागरण जंक्शन बॉक्स में मैं भी था । उस पृष्ठ पर जिस पर डेढ दशक से मैं ब्रह्मर्षि भानुप्रताप शुक्ल, स्व0 नरेन्द्र मोहन, एस शंकर, राजीव सचान, ए सूर्यप्रकाश, प्रशांत मिश्र, संजय गुप्ता आदि को पढ़ता आ रहा हूं उस पर अपने आप को भी देखना गौरवान्वित कर गया । औरों के लिये भले ही ये छोटी बात होगी लेकिन मेरे लिये ये बहुत बड़ा सम्मान है । इसके लिये जागरण जंक्शन और जागरण अखबार का मैं हृदय से आभारी हूं ।
.
ब्लागिंग की दुनिया में जेजे जैसा मंच और एग्रीगेटर देकर और जागरण अखबार के सम्पादकीय पृष्ठ पर छोटी सी जगह देकर आपने एक क्रांति की नींव रखी है । आज भले ही राष्ट्रभक्तों का यह परिवार छोटा सा है लेकिन एक साल में इतना भी बहुत है । ब्लागिंग की अपनी सीमाएं होती हैं । इंटरनेट अभी भी भारत की एक प्रतिशत आबादी तक नहीं पहुंचा है लेकिन आज ब्लागिंग के प्रति हर बुद्धिजीवी लालायित है । वह अब सिर्फ इसलिये कंप्यूटर सीखना चाहता है ताकि ब्लागिंग कर सके । भारत में करोड़ों बौद्धिक सूर्य ब्लैकहोल में जी रहे हैं । उनको ब्लैक होल से निकलने का एक मात्र सर्वसुलभ और सस्ता रास्ता ब्लागिंग है ।
.
ब्लागिंग एक ऐसा माध्यम है जहां सिर्फ तर्क को स्थान मिलता है । यह अभिव्यक्ति का एक सशक्त, बेहतरीन, मुक्त और बहुआयामी माध्यम है । आप यहां कुछ भी कर सकते हैं, कह सकते हैं । यहां किसी सेंसरशिप की आवश्यकता नहीं है क्योंकि यहॉं एक स्वचालित सेंसरशिप है – सुधर जाओ, नहीं तो अलग थलग पड़ जाओगे । यहां ब्लागर्स पर कोयी रोक टोक नहीं है । न कोयी संपादक है और न ही कोयी डंडा लिये पुलिसिया हवलदार । आप कुछ भी रचने के लिये, दुनिया को नया बताने के लिये,  दिखाने के लिये, सुनाने के लिये, नये नये विषयों पर बहस करने के लिये स्वतंत्र हैं । अभिव्यक्ति के कई माध्यम मौजूद है या आप सभी का एक साथ इस्तेमाल कर सकते हैं । न सिर्फ टैक्स्ट में बल्कि आप पिक्चर्स, आडियो, एनिमेशन, पावर पाइंट प्रेशेन्टेशन और वीडियो, किसी में भी अपने आप को अभिव्यक्त कर सकते हैं । अभिव्यक्ति के सभी आयामों में एक साथ अभिव्यक्त करने की आजादी और अबाध शक्ति आपको सिर्फ ब्लागिंग देता है ।

.
ब्लागिंग एक विधा है तो साथ ही साहित्य सृजन का एक माध्यम भी। यह पत्रकारिता के लिये एक नया पैना, धारदार हथियार है तो राष्ट्रीय-अतंर्राष्ट्रीय विषयों पर बहस के लिये एक चायघर या कॉफीहाउस भी । अगल-बगल, आस-पड़ोस, घर-परिवार, नौकरी-धंधा, बीवी- गर्लफै्रण्ड, चुटकुले-शायरी, खाना-नाचना, यानी की पूरी दुनिया ही इस वर्चुअल वर्ल्ड में समायी हुयी है ।  इसकी अपनी न कोयी भाषा है और न ही व्याकरण । आप अपने आप को व्यक्त करने के लिये हर भाषा में स्वतंत्र हैं और व्याकरण के नियमों से भी थोड़ी बहुत छूट ले सकते हैं ।
.
ज्ञान का भण्डार खुला है सदैव के लिये । ज्ञान लीजिये और बांटिये । नेट पर जहां एक

ओर विकीपीडिया जैसे इन्साइक्लोपीडिया मौजूद हैं तो सत्यशोधक विकीलीक्स भी हैं । आपके द्वारा रचा गया सूचना का संसार नेट पर सुरक्षित रहेगा हमेशा के लिये और सभी के लिये । आप समय की रेत पर देर तक न मिटने वाले निशान छोड़ सकते हैं । सूचना की गंगा पृथ्वी पर अपने पूरे प्रवाह के साथ प्रवाहित हो रही है । इस गंगा में नहाईये और सत्यरूपी पुण्यलाभ भी अर्जित करिये ।

.
आप ब्लाग लिखने के लिये पूर्णतः स्वतंत्र हैं लेकिन एक मात्र जागरण जंक्शन है जो न सिर्फ आपको ब्लागिंग के लिये मंच देता है बल्कि साथ ही यह एक एग्रीगेटर का भी काम करता है और आपको प्रिंट मीडिया में जाने के लिये भी एक सुराख देता है । जेजे अभी अपनी शैशवास्था में है लेकिन मेरी अभिलाषा है कि एक दिन यह लोकतंत्र को मजबूत करने वाले विशाल स्तंभ के रूप में जाना जाये । इसके लिये इसे  समय समय पर कुछ सुधार करने होंगे । कुछ सुझाव देना चाहूंगा जैसे दूसरे सर्वर्स की तरह ब्लॉग को सुंदर बनाने के लिये कुछ गेजेट/विजेट देने होंगे । जागरण अखबार में सप्ताह में एक दिन चुनिंदा ब्लाग्स पर एक या दो पृष्ठ देने से लोगों में ब्लागिंग के प्रति आकषर्ण भी बढ़ेगा और जे जे का परिवार भी ।
.
जिस तरह दैनिक जागरण एक अखबार का नाम नहीं एक संस्कृति और विचारधारा का

भी नाम है उसी तरह जागरण जंक्शन परिवार उस संस्कृति और विचारधारा को जीने वाला एक छोटा सा समूह है। हम सब की इच्छा है कि हिंदी, हिंदू(सिंधु नदी के दूसरी तरफ रहने वालों को रोम और मिस्र के लोग हजारों साल पहले इसी नाम से पुकारते थे । माननीय सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण निर्णय के अनुसार हिंदू धर्म एक लाईफ स्टाईल है) और हिंदुस्तान की यह राष्ट्रवादी विचारधारा पुष्पित पल्लवित हो और भारत को विश्व की सर्वोच्चशक्ति बना दे । जय भारत, जय भारती ।

| NEXT

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (3 votes, average: 3.67 out of 5)
Loading ... Loading ...

34 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Jahlin के द्वारा
May 21, 2011

Cool! That’s a celevr way of looking at it!

rajkamal के द्वारा
January 11, 2011

aadrniy mishra ji …saadr अभिवादन ! सबसे पहले तो आपको ब्लागर आफ दा वीक बनने के लिए ढ़ेरो शुभकामनाये …. शायद यह आपके द्वारा दूसरों कों पूरे दशक की दी गई शुभकामनायो का ही नतीजा है … *************************************************************************************************** मैं समझता हूँ की सभी आपकी मजबूरी समझते है , वोह तो बस ऐसे ही आदतवश दिल्लगी की थी …

Aakash Tiwaari के द्वारा
January 10, 2011

आदरणीय श्री मिश्र जी, अब उस दिन का इन्तेजार है जब इस jj ब्लॉग को प्रिंटमीडिया में उचित जगर मिले और नए लोगो का मौके.. आकाश तिवारी

    Aakash Tiwaari के द्वारा
    January 10, 2011

    आपसे एक शिकायत है की आप…प्रतिक्रियाओं का जवाब नहीं दते …जो भी व्यक्ति प्रतिक्रिया स्वरूप अपने विचार रक्त है उसे उसके उत्तर का इन्तेजार अवश्य होता होगा…मुझे भी….मगर आप आजकल ऐसा नहीं करते…..एक दिन से लेख देर ही सही मगर पहले जवाब तो दे दिया कीजिये……. क्षमा सहित आपका आकाश तिवारी

    K M Mishra के द्वारा
    January 11, 2011

    आकाश जी मैं सभी मित्रों से माफी मांगता हूं । एक तो इलाहाबाद शहर में सीवर लाईन डाली जाने के कारण इंटरनेट कनेक्शन की ऐसी की तैसी हो रखी है दूसरा इधर मुझे सांस लेने की भी फुरसत नहीं है समय का कुछ ऐसा लोचा हो गया है । यह स्थिति फरवरी में जाकर सुधरेगी । तब तक के लिये आप लोग मेरी इस धृष्टता को क्षमा करें ।

rajkamal के द्वारा
January 9, 2011

कुल जमा बारह टिप्पणियों का नुक्सान …. अगर सभी का जवाब देते तो कुल संख्या हो 1234 जाती ….

    K M Mishra के द्वारा
    January 11, 2011

    राजकमल भाई टिप्पणियों की संख्या किसे अच्छी नहीं लगती पर बहुत व्यस्तता है । फरवरी से नियमित हो पाऊंगा । तब तक के लिये आशा है कि आप माफ करेंगे । आपका तड़ीपार मित्र

    Katherine के द्वारा
    May 22, 2011

    IJWTS wow! Why can’t I think of tihngs like that?

preetam thakur के द्वारा
January 8, 2011

आदरनीय मिश्र जी ! प्रणाम ! आपको भी और सभी ब्लॉगर को भी नव वर्ष मंगलमय हो | बहुत ही उत्तम सुझाव दिए हैं आपने | हमारे जैसे नवागंतुकों के लिए आप जैसे पथ्पर्दाशक यहाँ हैं , ये हमारा सौभाग्य है | हमारी मनोकामना है के यह मंच और तरकी करे | धन्यवाद | प्रीतम |

R K KHURANA के द्वारा
January 8, 2011

प्रिय मिश्र जी, जागरण जंक्शन ने जो काम किया है उसकी मिसाल मिलना मुश्किल है ! इसका जिक्र मैं अपने हास्य व्यंग “रंग दे गुलाबी चोला” मैं भी कर चूका हूं ! सच में जागरण जंक्शन का जवाब नहीं ! यह अकेला ऐसा मंच है जो हर नए व पुराने लेखक को सम्मान देता है ! परन्तु आप ने कहा है की “आप अपने आप को व्यक्त करने के लिये हर भाषा में स्वतंत्र हैं ” यह बात सही नहीं ! इस मंच पर आप केवल हिंदी व इंग्लिश में ही लिख सकते है ! और किसी भाषा में नहीं १ आपका लेख बहुत सुंदर है ! धन्यवाद् खुराना

    Satchell के द्वारा
    May 22, 2011

    This has made my day. I wish all ptosnigs were this good.

rahulpriyadarshi के द्वारा
January 8, 2011

मैं भी इस आलेख के साथ अपनी सहमती व्यक्त करता हूँ,हम सभी वाकई जागरण के शुक्रगुजार हैं जिसने सभी को एक दुसरे को पढने,सराहने,आलोचना करने और एक दुसरे से नित नया कुछ सीखने का मंच दिया. मिश्र जी आपने सही बात कही है,और उचित मांग भी की है,उम्मीद है ब्लॉग के प्रशासक इस और ध्यान देंगे तो बड़ी ख़ुशी होगी.

HIMANSHU BHATT के द्वारा
January 8, 2011

मिश्र जी, आपने बिलकुल सही लिखा है …. जागरण परिवार ने एक सही पहल की है…. विशेष रूप से हिंदी भाषी ब्लोगेर्स के लिए….. वास्तव में जागरण परिवार धन्यवाद की पात्र है…. मिश्रा जी आपका यह सुझाव – कि जागरण अखबार में सप्ताह में एक दिन चुनिंदा ब्लाग्स पर एक या दो पृष्ठ देने से लोगों में ब्लागिंग के प्रति आकषर्ण बढ़ेगा … से मै पूर्णतया सहमत हूँ. मिश्र जी एक बेहतरीन लेख के लिए धन्यवाद.

mihirraj2000 के द्वारा
January 8, 2011

सच कहा आपने मिश्र जी दिल अब कही और लिखने का करता नहीं क्या करे jj के अलावा अब कोई जचता नहीं. काफी अच्छा लिखा है आपने हर वाक्य में अजब मिठास लगी मुझे.

    Gert के द्वारा
    May 21, 2011

    That’s way the bseestt answer so far!

rajkamal के द्वारा
January 8, 2011

आदरणीय मिश्रा जी ..सादर अभिवादन ! मेरे जैसे ब्लागरों के लिए यह मंच टांग खिचाई का एक बेहतरीन साधन है …. ब्लागिंग के द्वारा हम विष उगल सकते है …. कुछ भी उटपटांग वमन कर सकते है …. अपने मन की सडांध और गन्दगी रूपी विष्ठा कों कहीं भी खिलार सकते है …. ********************************************************************************************************** आप कों जागरण के पेज पर छपने के लिए ढ़ेरो बधाईयाँ

Alka Gupta के द्वारा
January 8, 2011

मिश्राजी , इस जागरण मंच पर अपने विचारों को व्यक्त करने के लिए हम पूर्णरूपेण स्वतंत्र हैं …. कोइ प्रतिबन्ध भी नहीं है …….| इस गंगा में नहाइए और सत्यरूपी पुण्यलाभ भी अर्जित करिए …! बहुत ही सुन्दर लिखा है आपने | वाकई इसके जैसा कोई दूसरा मंच नहीं है……

वाहिद काशीवासी के द्वारा
January 8, 2011

आदरणीय मिश्र जी ! सर्वप्रथम प्रणाम तत्पश्चात बधाई यह सम्मान प्राप्त करने के लिए| आपसे पूर्णतः सहमत हूँ कि जिस पृष्ठ पर हम वर्षों से महान पत्रकारों और टिप्पणीकारों के लेख पढ़ कर प्रेरित होते रहे हैं उसी पृष्ठ पर अपने किसी ब्लॉग की चंद पंक्तियाँ भी प्रकाशित हो जाएँ तो अभूतपूर्व सम्मान की अनुभूति होती है| साथ ही ब्लोगिंग के फायदे भी अच्छी संख्या में आपने गिनाये हैं तथा आपके सुझाव भी निश्चित रूप से अमल में लाए जाने चाहिए| इस राष्ट्रवादी विचारधारा के पोषण में हम भी आपके सहयोगी की भूमिका अदा करने के लिए तत्पर हैं| साभार, वंदे मातरम

    Charl के द्वारा
    May 21, 2011

    It’s spooky how clever some ppl are. Thnaks!

roshni के द्वारा
January 8, 2011

मिश्रा जी बहुत बढ़िया लिखा अपने .. jj ने हम सब को एक बहुत बढ़िया मंच दिया है ….. धनयवाद सहित

    Zaiya के द्वारा
    May 21, 2011

    That’s not just the best awnser. It’s the bestest answer!

atharvavedamanoj के द्वारा
January 8, 2011

एक बार फिर से आमीन साथ में विवेकानंद का एक छोटा सा वाक्य ”आओ हम अपने चरित्र से दिखा दे की संसार की किसी भी भाषा में हिन्दू से महान कोई शब्द है ही नहीं” जय भारत, जय भारती

    ashvinikumar के द्वारा
    January 16, 2011

    भाई मनोज इसमे संशय नही है ………….जय भारत

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
January 8, 2011

आदरणीय मिश्रा जी ……. सही कहा आपने……… नेट पर जहां एक ओर विकीपीडिया जैसे इन्साइक्लोपीडिया मौजूद हैं तो सत्यशोधक विकीलीक्स भी हैं । आपके द्वारा रचा गया सूचना का संसार नेट पर सुरक्षित रहेगा हमेशा के लिये और सभी के लिये । आप समय की रेत पर देर तक न मिटने वाले निशान छोड़ सकते हैं । सूचना की गंगा पृथ्वी पर अपने पूरे प्रवाह के साथ प्रवाहित हो रही है । इस गंगा में नहाईये…………. देर सबेर सभी को इसका महत्व पता चलेगा ओर लोग इस क्रांति से लाभान्वित होंगे……….. सार्थक लेख के लिए बधाई…….


topic of the week



latest from jagran